Saturday, October 23, 2010

मुम्बई। मुम्बई हमले के आरोपीपाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ने खुद को मिली फांसी की सजा की पुष्टि के लिए अदालती कार्यवाही के दौरान बम्बई उच्च न्यायालय में अपनी सदेह मौजूदगी की मांग दोहराई है। कसाब की वकील ने यह बात शुक्रवार को कही। इससे पहले कसाब ने अदालत की कार्यवाही में मात्र कुछ समय के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुआ। उसके बाद वह वहां से उठकर चला गया और कैमरे के सामने दोबारा आने से इंकार कर दिया।
कसाब की वकील फरहाना शाह ने कहा, ""कसाब ने मांग की है कि उसे अदालती कार्यवाही के दौरान अदालत में मौजूद रहने की अनुमति दी जाए। उसने अपनी यह मांग भी दोहराई है कि उसके मुकदमे को अमेरिका स्थित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया जाए।"" कसाब ने यह भी कहा है कि उसे वीडियो कांफ्रेंसिंग में यकीन नहीं है। शाह ने कहा, ""वह यह नहीं समझता कि अदालत पहले ही सुनवाई के दौरान उसकी सदेह मौजूदगी के खिलाफ फैसला दे चुकी है और उस पर दोबारा विचार नहीं किया जा सकता। हमने उसे समझाया कि खतरे की आंशका के मद्देनजर उसे मौजूद रहने की अनुमति नहीं मिलेगी, लेकिन वह जिद पर अ़डा हुआ है।"" ज्ञात हो कि गुरूवार को आर्थर रोड जेल में कसाब से मिलने पहुंची उसकी वकील शाह और अमीन सोलकर से उसने अपने अकेलेपन की शिकायत की थी।
शाह ने कहा, ""उसने बताया कि जानबूझकर उसे पढ़ने के लिए कोई अखबार या किताब नहीं दी जाती है। उसने एकांतवास के कारण मानसिक रूप से परेशान रहने की बात कही।"" इस बीच, सरकारी वकील उ”वल निकम ने शुक्रवार को बम्बई उच्चा न्यायालय को बताया कि कसाब और अन्य नौ आतंकवादियों ने मुम्बई के मालाबार हिल इलाके पर हमले की साजिश भी रची थी, जहां राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिविशिष्ट व्यक्तियों के आवास हैं। उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति रंजना देसाई एवं आर.वी. मोरे की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही है।

Thursday, June 17, 2010

गोमूत्र से बनी दवा को मिला अमेरिकी पेटेंट

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आएसएस) के एक सहयोगी संगठन द्वारा गोमूत्र से बनाई गई एक दवा को अमेरिकी पेटेंट हासिल हुआ है। कैंसर निरोधी इस दवा को एंटी-जीनोटॉक्सिटी गुणों की वजह से तीसरी बार यह पेटेंट मिला है।नैशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियर रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) के कार्यकारी निदेशक तपन चक्रवर्ती के हवले से बताया गया है कि संघ समर्थित संगठन गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र और नीरी द्वारा संयुक्त रूप से बनाई गई दवा कामधेनु अर्क को यह पेटेंट हासिल हुआ है।चक्रवर्ती और केंद्र के प्रतिनिधि सुनील मानसिंघका ने बताया कि री-डिस्टिल्ड काउ यूरिन डिस्टिलेट (आरसीयूडी) का इस्तेमाल जैविक तौर पर नुकसानग्रस्त डीएनए को दुरुस्त करने में किया जा सकता है। इस नुकसान से कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है।

गोमूत्र से बनी दवा को मिला अमेरिकी पेटेंट

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आएसएस) के एक सहयोगी संगठन द्वारा गोमूत्र से बनाई गई एक दवा को अमेरिकी पेटेंट हासिल हुआ है। कैंसर निरोधी इस दवा को एंटी-जीनोटॉक्सिटी गुणों की वजह से तीसरी बार यह पेटेंट मिला है।नैशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियर रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) के कार्यकारी निदेशक तपन चक्रवर्ती के हवले से बताया गया है कि संघ समर्थित संगठन गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र और नीरी द्वारा संयुक्त रूप से बनाई गई दवा कामधेनु अर्क को यह पेटेंट हासिल हुआ है।चक्रवर्ती और केंद्र के प्रतिनिधि सुनील मानसिंघका ने बताया कि री-डिस्टिल्ड काउ यूरिन डिस्टिलेट (आरसीयूडी) का इस्तेमाल जैविक तौर पर नुकसानग्रस्त डीएनए को दुरुस्त करने में किया जा सकता है। इस नुकसान से कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है।

गोमूत्र से बनी दवा को मिला अमेरिकी पेटेंट

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आएसएस) के एक सहयोगी संगठन द्वारा गोमूत्र से बनाई गई एक दवा को अमेरिकी पेटेंट हासिल हुआ है। कैंसर निरोधी इस दवा को एंटी-जीनोटॉक्सिटी गुणों की वजह से तीसरी बार यह पेटेंट मिला है।नैशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियर रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) के कार्यकारी निदेशक तपन चक्रवर्ती के हवले से बताया गया है कि संघ समर्थित संगठन गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र और नीरी द्वारा संयुक्त रूप से बनाई गई दवा कामधेनु अर्क को यह पेटेंट हासिल हुआ है।चक्रवर्ती और केंद्र के प्रतिनिधि सुनील मानसिंघका ने बताया कि री-डिस्टिल्ड काउ यूरिन डिस्टिलेट (आरसीयूडी) का इस्तेमाल जैविक तौर पर नुकसानग्रस्त डीएनए को दुरुस्त करने में किया जा सकता है। इस नुकसान से कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है।

एरोमाथेरेपी

एरोमाथेरेपी प्राकृतिक तेलों के व्यवस्थित उपयोग से बीमारियों के उपचार की एक प्रभावकारी चिकित्सा पद्धति है। इसमें विभिन्न रोगों के इलाज के लिए औषधीय पौधों से निकाले गए सुगंधित तेल और अन्य पदार्थो का इस्तेमाल किया जाता है। यह विभिन्न रोगों से बचाव और स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करता है। इसके साथ ही इससे सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। एरोमाथेरेपी में सुगंधित तेलों का इस्तेमाल कई प्रकार से किया जाता है। इसमें मसाज, स्नान, इंहेलेशन आदि प्रमुख हैं। इस प्रकार सुगंधित तेल शरीर में अवशोषित होकर रोगों का उपचार करते हैं। तनाव संबंधी समस्याओं के उपचार में अरोमाथेरेपी सबसे अधिक कारगर है।

एरोमाथेरेपी

एरोमाथेरेपी प्राकृतिक तेलों के व्यवस्थित उपयोग से बीमारियों के उपचार की एक प्रभावकारी चिकित्सा पद्धति है। इसमें विभिन्न रोगों के इलाज के लिए औषधीय पौधों से निकाले गए सुगंधित तेल और अन्य पदार्थो का इस्तेमाल किया जाता है। यह विभिन्न रोगों से बचाव और स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करता है। इसके साथ ही इससे सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। एरोमाथेरेपी में सुगंधित तेलों का इस्तेमाल कई प्रकार से किया जाता है। इसमें मसाज, स्नान, इंहेलेशन आदि प्रमुख हैं। इस प्रकार सुगंधित तेल शरीर में अवशोषित होकर रोगों का उपचार करते हैं। तनाव संबंधी समस्याओं के उपचार में अरोमाथेरेपी सबसे अधिक कारगर है।

एरोमाथेरेपी

एरोमाथेरेपी प्राकृतिक तेलों के व्यवस्थित उपयोग से बीमारियों के उपचार की एक प्रभावकारी चिकित्सा पद्धति है। इसमें विभिन्न रोगों के इलाज के लिए औषधीय पौधों से निकाले गए सुगंधित तेल और अन्य पदार्थो का इस्तेमाल किया जाता है। यह विभिन्न रोगों से बचाव और स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करता है। इसके साथ ही इससे सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। एरोमाथेरेपी में सुगंधित तेलों का इस्तेमाल कई प्रकार से किया जाता है। इसमें मसाज, स्नान, इंहेलेशन आदि प्रमुख हैं। इस प्रकार सुगंधित तेल शरीर में अवशोषित होकर रोगों का उपचार करते हैं। तनाव संबंधी समस्याओं के उपचार में अरोमाथेरेपी सबसे अधिक कारगर है।